Sunday, December 12, 2010

गुजारिश और एक था....

ओंम प्रकाश नौटियाल

भ्रष्ट कार्यो में जितने भी बहन भाई हैं लिप्त,
कृपया कुछ दिनों की खातिर कर दें स्थगित,
सी बी आई के पास है अधिक काम का बोझ,
नोच खसोट रोक कर जरा उनकी भी हो सोच।

एक था राजा....

ठण्डे हुए कहाँ किस्से, मुन्नी की बदनामी के,
कि अब होने लगे चर्चे, शीला की जवानी के,
ग़जब मुल्क मेरा, चटपटी खबरों का पिटारा है,
कोई ’राजा’ का मारा है,कोई ’राडिया’ ने मारा है ।

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