Saturday, June 28, 2014

फरियाद

-ओंम प्रकाश नौटियाल

पुराने वक्तों की खातिर इतनी इमदाद कर देना
कभी मुश्किल जरा भी आये हमें याद कर लेना
तुम्हारी राहें जब फ़िर से सब निर्बाध हो जायें
फिर से भूलाने की "ओंम", तब फरियाद कर लेना !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Thursday, June 26, 2014

माँ

-ओंम प्रकाश नौटियाल

मंदिर था घर माँ से, जब तक उनका साया था,
सब से था अपनापन , नहीं कोई पराया था,
पर माँ गई बैकुण्ठ तब, छोड स्नेह रिश्ते सब 
हुई मुद्दत जब इस घर, कोई अपना आया था !
-ओंम प्रकाश नौटियाल






      

Tuesday, June 24, 2014

कहा गया

-ओंम प्रकाश नौटियाल
गाली भी दी गई , बहुत बुरा कहा गया ,
जहरीला, कटीला तेज छुरा कहा गया ,
भरोसा कहाँ था उन्हें किसी भी बात पर
जल हमने पिया पर , उसे सुरा कहा गया !
ओंम प्रकाश नौटियाल




 

  

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Monday, June 23, 2014

चीनी


बधाई भारत !!!

बधाई पाटण ! बधाई गुजरात ! बधाई भारत !!! बधाई भारतवासियों !!!!

गुजरात के पाटण जिले में ११ वी शताब्दी में सोलंकी काल में निर्मित रानी की खूबसूरत वाव (स्टैपवैल) को यूनेस्को की विश्व विरासत समिति ने कल रविवार (२२ जून २०१४) को औपचारिक रूप से विश्व विरासत सूचि में शामिल कर लिया । साथ ही समिति ने इसे भारत में स्थित सभी वाव (स्टेपवेल) की रानी के खिताब से भी नवाजा है । इससे पहले गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित चंपानेर , पावागढ किले को भी वर्ष २००४ में यूनेस्को विश्व विरासत सूचि में शामिल किया जा चुका है ।

रानी की वाव भूमिगत जल स्त्रोत के अनूठे उपयोग की विशिष्ट तकनीक का अनुपम उदाहरण है जिसकी भूमिगत वास्तु संरचना बेजोड़ है । यह सात मंजिला वाव मारु गुर्जर शैली दर्शाती है ।

यह उपलब्धि गुजरात और देश के पर्यटन के विकास में निसंदेह अति लाभप्रद सिद्ध होगी ।

Tuesday, June 10, 2014

पावर (बिजली ) करप्ट्स


दर्दनाक हादसा -विनम्र श्रद्धाजंलि

दर्दनाक हादसा -विनम्र श्रद्धाजंलि

हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के थलौट क्षेत्र में रविवार (८ जून २०१४ ) संध्या को ब्यास नदी में उतरकर पानी से खेलते और फोटो खीचते हैदराबाद के २५ सैलानी इंजीनियरिंग छात्र उस समय तेज बहाव में बह गये जब ३ कि.मी. उपर राज्य विद्युत परिषद के लारजी डैम से अचानक पानी छोड दिया गया । प्राप्त समाचार के अनुसार मंडी व कुल्लु जिला प्रशासन के साथ सेना , आई टी बी पी, राष्ट्रीय आपदा टास्क फोर्स ,होम गार्ड , पुलिस , राफ्टरों और भाखडा बाँध के विशेषज्ञ गोताखोरों आदि के संयुक्त खोज अभियान के बाद अब तक चार शव ही प्राप्त हुए हैं ।

इस दिल दहलाने वाले हादसे का संज्ञान लेते हुए हिमाचल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है ,अब तक प्राप्त तथ्यों के आधार पर हाई कोर्ट ने कहा है कि यह हादसा नहीं बल्कि परियोजना से जुडे अफसरों की लापरवाही का नतीजा है ।


इस कुठाराघात से जन्य भारी पीडा के साथ हम देवभूमि हिमाचल से जुडे लोग इस अपराधबोध से भी ग्रस्त हैं कि हम अपने अतिथियों की सुरक्षा और जिंदगियों के प्रति कितने बेपरवाह हैं । ईश्वर हादसे के शिकार छात्रों
/गुरुजनों के माता पिता और परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दे और दिवंगत आत्माओं को शान्ति प्रदान करे ।

वृद्ध ,युवा , बच्चे बराबर हैं, क्रूर काल की निगाहों में,
राहों में कभी मिल जाये, कभी नदियों के बहावों में
हम अपना भविष्य बच्चों , तुम से ही जोडे बैठे थे
बदल दी जिन्दगानियाँ हमारी, पर तुमने कराहों में !

-ओंम प्रकाश नौटियाल