Tuesday, September 19, 2017

हिन्दी प्रेम

पखवाड़े भर चाँदनी , फिर उदास उल्लास
सच्चा हिन्दी प्रेम तो, नित्य करें अरदास !
-ओंम प्रकाश नौटियाल
(पूर्व प्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित )

Monday, September 18, 2017

हिन्दी की दुकान

नकली कवि ने खोल ली, एक हिन्दी दुकान

हिन्दी सेवा हो सके , लिया खूब धन दान,

लिया खूब धन दान, क्षेत्र कई आजमाये

सीमित सा था ज्ञान, बने फिर भी सरमाये,

धन मिला और नाम,बजा हिंदी की ढपली

सच को पूछे कौन, फूलते , फलते नकली !!

-ओंम प्रकाश नौटियाल

(पूर्व प्रकाशित - सर्वाधिकार सुरक्षित )

Sunday, September 17, 2017

, शुक्ल शुक्ल सम पक्ष

हिन्दी का हर पक्ष हो, शुक्ल शुक्ल सम पक्ष

कोटि कोटि वासी बने , ज्ञानी ,हिन्दी दक्ष !

-ओंम प्रकाश नौटियाल

Wednesday, September 13, 2017

बुलैट गाड़ी

बुलैट गाड़ी बेचना, काम नहीं आसान

रोड़ रोड़ पर घूम कर, जान गया जापान !

-ओंम प्रकाश नौटियाल

Saturday, August 26, 2017

वर्षों भक्तों ने पढ़ा

वर्षों भक्तों ने पढ़ा  , क्या क्या स्याह सफेद
इम्तिहान की थी घड़ी , खुले तभी सब  भेद !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Friday, August 18, 2017

काला चंदा

चंदा लेते ब्लैक का ,जिसमें ’पता’ न  ’पैन’
औरों को समझा रहे, काला धन है बैन
काला धन है बैन , हिला दे अर्थ तंत्र को
हर दल की पर नींव, पोषती इसी यंत्र को
करना नष्ट समूल , स्याह धन का यदि धंधा
सर्व प्रथम हो बंद  , चुनावी काला चंदा  !!!
-ओंम प्रकाश नौटियाल
(पूर्व प्रकाशित-सर्वाधिकार सुरक्षित )

Saturday, August 12, 2017

मेरा भारत -कुछ दोहे

मेरा भारत -कुछ दोहे (मेरी पुस्तक "पीपल बिछोह में"  से उद्धत ) -ओम प्रकाश नौटियाल

Wednesday, August 9, 2017

मसखरे

राजनीति के मसखरे , बदलें पल पल रंग
धन, पद , कद जो दे सके, चले उसी के संग !
ओंम प्रकाश नौटियाल

Thursday, August 3, 2017

पर्यावरण बचाइये

पर्यावरण बचाइये , शाखें हो सर्वत्र
बैठ सकें उल्लू सभी , बहुत हुए एकत्र !!
ओंम प्रकाश नौटियाल

Monday, July 31, 2017

सेब टमाटर

सेब टमाटर हो चुके, कब के एक समान
धनी ,दीन का फर्क भी,खत्म हुआ बस जान !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Sunday, July 30, 2017

शरीफ़

कौन भला शरीफ़ यहाँ , मीर, वजीर, नवाब
कुछ के पर्दे हट गए , कुछ पर पड़ी नकाब !!
-ओंम  प्रकाश नौटियाल

Thursday, July 27, 2017

जल प्रलय

बड़ी भयावह त्रासदी, सिसक रहा गुजरात
घाव घनेरे दे रही, अब के यह बरसात !

गाँवो मे अति वृष्टि के,द्दश्य करें अभिभूत
मेघों को दिखती नहीं , क्या अपनी करतूत ?
ओंम प्रकाश नौटियाल

Tuesday, July 25, 2017

टमाटर

शतक लगाना है नहीं , सबके बस की बात
लाली हो टमाटर सी, तब बनती है बात !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Friday, July 14, 2017

फ़सल

खेतों में उगती कभी , फसलें गेहूं धान
उर्वर माटी की बढ़ी , अब उग रहे मकान !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Sunday, July 9, 2017

गुरू पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं !!

सच्चा , सटीक ,श्रेष्ठ है, प्राप्त गुरू से ज्ञान
गूगल गुरू न बन सके ,असंतुलित निष्प्राण !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Thursday, July 6, 2017

एक सच्चा दोहा

लाश सामने देखकर , यही सोचे श्मशान
कफ़न ओढ़कर क्यों लगें ,सब बंदे इंसान?
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Thursday, June 29, 2017

बरसात दो दोहे

माटी की सोंधी महक, फैली नीम सुगंध
पहली इस बौछार का , छंदों सा आनंद !!
पानी बरसा मेघ से , मिटा ताप संताप
चादर हरी लपेट ली , धरती ने चुपचाप !!
ओंम प्रकाश नौटियाल

Tuesday, June 27, 2017

बरसात

हर्षित हो कर कह रही , इस मौसम बरसात
धरती ने पानी पिया , बिन पूछे घन जात ।
-ओंम प्रकाश नौटियाल

लंदन उड़ा विमान !

थोड़ा से उस कर्ज का ,कर न सका भुगतान
थैलों मे जिसने लिया ,  लंदन उड़ा विमान !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Sunday, June 25, 2017

पोषक

कृषक लटकता वृक्ष पर , फंदा गरदन डाल
सबका जो पोषक  रहा, पेट सका ना पाल !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Sunday, June 18, 2017

नाविक जब गुमराह !

बाईस गज की नदिया , समझ सके ना थाह
नैय्या कैसे पार हो , नाविक जब गुमराह !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Thursday, June 8, 2017

भानु भट्टी

भानु भट्टी भभक रही ,तपे धरा बेभाव  
जले भुने जो विगत से , उन पर कहाँ प्रभाव ?
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Monday, June 5, 2017

मोटी खाल !!

दौरा कर देहात का , नेता थे बेहाल
सूरज तपा अलाव सा, उस पर मोटी खाल !!
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Wednesday, May 31, 2017

रेत ही रेत

गर्मी
हरियाली पथरा गयी, फैली रेत ही रेत
झुलसे झुलसे लोग हैं , सूखे सूखे खेत !!
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Friday, May 5, 2017

पत्थरों का महत्व

स्वर्ग धरा का था कभी, लुप्त हुआ बंधुत्व
फूलों की घाटी बढ़ा , पत्थरों का महत्व !!!
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Tuesday, April 4, 2017

सच्चे योगी

सच्चे योगी साधते , योग मार्ग से सोच
सत्य वचन बूते करें, सुकर्म निःसंकोच !!
-ओंम प्रकाश नौटियाल                                                                    

Tuesday, March 28, 2017

बूचड़घर पर वार हो

कौन जाने कब किसका,क्या होगा अंजाम
बूचड़घर पर वार हो , विधि का यही निजाम !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

बूचड़घर


Wednesday, March 22, 2017

रवि हाथ कमान

गर्मी खत्म  चुनाव की , अब रवि  हाथ कमान
 तप तप बहुत झुलस गए,रखना भगवन ध्यान!!!
-ओंम प्रकाश नौटियाल


Saturday, March 11, 2017

लाल गुलाल !

जमानत जब जब्त हुई,  भए शर्म से लाल
’ओम’ अब क्या रंग सके, कोई लाल गुलाल !
-ओंम प्रकाश नौटियाल 

Friday, March 10, 2017

चुनाव रुझान

जनता ने चेहरे पर कुछ ऐसा रंग मला,
दमका हुआ चेहरा बड़ा बदरंग हो चला,
कठिन  है बहुत पढना जनता के मन की बात
होली में लगा रही क्यॊं बेरंग रंग भला ?
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Tuesday, March 7, 2017

नारी शक्ति

नारी (कुछ प्रसिद्ध उक्तियों का दोहा रूपान्तरण) -ओंम प्रकाश नौटियाल
नारी इस संसार में , जस थैली की चाय
गर्म नीर में जब पडे, निज बल तभी बताय !  
(Nancy Reagan, Political Activist
A woman is like a tea bag. She only knows her strength when put in hot water Nancy Reagan, Political Activist
 ).
नार न होती जगत में , होता बडा अनर्थ
धन दौलत सारी यहाँ,  हो जाती तब व्यर्थ
(Aristotle, Philosopher

सूरत इस संसार की , चाहो बदले  तेज
स्त्री्याँ करिये संगठित, पुरुषों से परहेज !
("The fastest way to change society is to mobilize the women of the world." ~ Charles Malik)

स्त्रीयाँ जो भी चाहती , बनना पुरुष समान
हैं बिन महत्वाकाँक्षा , बात रहे यह ध्यान !
("Women who seek to be equal with men lack ambition." ~ Timothy Leary)

पुरुष बनाया ईश ने ,  यह था  प्रथम प्रयास  
नारी को फिर तब रचा, जब ली कला तराश
(Sure God created man before woman.  But then you always make a rough draft
before the final masterpiece.  ~Author Unknown  )
महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक  शुभकामनाएं !!

Friday, February 17, 2017

सेवक से बने स्वामी

सेवक से बने स्वामी , जब सत्तासीन हो गए ,
गरीब का दुख भुलाने , सुख के आधीन हो गए,
कुर्सी मिली तो वक्त नहीं मिल पाया मिलने का
चुनाव आया ,बिछे पग में, औ’ कालीन हो गए !!
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Monday, February 13, 2017

प्रेम संदेश

सर्व प्रथम तो  देश है, करें संकल्प आज
प्रेम संदेश दे गए , भगत सुखदेव, राज !
-ओंम

Saturday, February 11, 2017

प्रेम दिवस

एक दिवस ही क्यों तके, प्रेम मिलन की राह
घृणा त्याग सबसे करें, नेह नित्य हर माह !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Friday, February 10, 2017

एक और दोहा

टिकट पुनः वह पा गए, बाहु बल धन प्रताप
खुद वह कहते थे सदा, जिन्हे आस्तीन साँप !
-ओंम

Wednesday, February 1, 2017

बसंत है !!!

बजी बजट की बाँसुरिया
सुन कर फिर हर्षे कुटिया,
कोई  न अब रहे दुखिया
बदल दे दीन की दुनियाँ
सँभावनाएं अनंत हैं
बसंत ही बस बसंत है !!!
-ओंम प्रकाश नौटियाल

Saturday, December 31, 2016

बच्चा बड़ा कठोर

बाप बड़ा मुलायम है, बच्चा बड़ा कठोर
छीन बाप से थाम ली,सत्ता की अब डोर
-ओंम प्रकाश नौटियाल