Tuesday, January 14, 2020

पतंग !

पोंगल, लोढी, संक्रांति, बिहु के अपने रंग
इनके रंगो से सजी इठला रही पतंग,
जनता सेवा के लिये, देख धरा पर जंग
हवा बदलने को चली, अंबर ओर पतंग !
-ओंम प्रकाश नौटियाल

No comments:

Post a Comment